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Patna News: डिवाइडर से टकराने के बाद 14 चक्के के हाइवा में लगी भीषण आग, देखते ही देखते जलकर हुआ खाक

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | पटना के बाढ़ थाना क्षेत्र में बेढ़ना पुल के पास 14 चक्के का हाइवा डिवाइडर से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

पटना, 24 अगस्त।पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में रविवार की देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना पुल के समीप एक 14 चक्के का हाइवा अचानक आग की चपेट में आ गया। कुछ ही देर में आग ने पूरे वाहन को घेर लिया और देखते-देखते भारी वाहन धू-धूकर जलने लगा। घटना के बाद सड़क के आसपास मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है।

बताया जा रहा है कि घटना रात करीब दो बजे की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हाइवा तेज गति से जा रहा था। इसी दौरान बेढ़ना पुल के पास वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और हाइवा डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर के बाद वाहन में अचानक आग भड़क उठी। रात का समय होने के कारण सड़क पर आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई देने लगीं।

हाइवा में आग लगने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई। कुछ ही समय में आग ने वाहन के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक वाहन बुरी तरह धधक रहा था। आग की तेज लपटों और धुएं को देखकर आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद बाढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने तक हाइवा काफी हद तक जल चुका था। सड़क किनारे खड़े जले हुए वाहन को देखकर हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता था। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू की।

सबसे राहत वाली बात यह रही कि जिस वक्त हाइवा में आग लगी, उस दौरान किसी व्यक्ति के उसके अंदर फंसे होने की जानकारी सामने नहीं आई। यही वजह रही कि इतने बड़े अग्निकांड के बावजूद किसी की जान नहीं गई। हालांकि वाहन के जलने से काफी नुकसान हुआ है और हादसे के कारणों को लेकर पुलिस की जांच जारी है।

प्रारंभिक जांच में हाइवा के डिवाइडर से टकराने को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि टक्कर के बाद आखिर आग किस वजह से इतनी तेजी से फैली। वाहन की तकनीकी स्थिति, दुर्घटना से पहले उसकी गति और आग लगने की परिस्थितियों समेत अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

इस घटना ने रात के समय भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 चक्के जैसे बड़े वाहन का संतुलन बिगड़ने की स्थिति में दुर्घटना का असर बेहद गंभीर हो सकता है। खासकर पुल, डिवाइडर और संकरी सड़क वाले हिस्सों में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

घटना के बाद पुलिस अब हाइवा की पहचान और उसके मालिक से संबंधित जानकारी जुटाने में लगी है। वाहन के दस्तावेजों की जांच के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हाइवा कहां से आ रहा था और उसका गंतव्य क्या था। पुलिस दुर्घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए उपलब्ध जानकारी और मौके के तथ्यों को जोड़ रही है।

फिलहाल शुरुआती तस्वीर यही सामने आ रही है कि तेज रफ्तार के दौरान नियंत्रण बिगड़ने के बाद हाइवा डिवाइडर से टकराया और इसके बाद उसमें आग लग गई। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

बेढ़ना पुल के पास आधी रात को हुए इस हादसे ने कुछ देर के लिए इलाके का माहौल जरूर बदल दिया। सड़क किनारे जलते भारी वाहन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गनीमत रही कि आग की चपेट में कोई राहगीर या अन्य वाहन नहीं आया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। वाहन के मालिक, दुर्घटना की परिस्थितियों और आग लगने के कारणों की जानकारी सामने आने के बाद ही इस घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल 14 चक्के का हाइवा बुरी तरह जलकर खाक हो चुका है और हादसे ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर छोड़ दिए हैं।

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हादसे से उठते सवाल

आधी रात में भारी वाहन का डिवाइडर से टकराना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर संकेत भी है। भारी वाहनों की रफ्तार, चालक की सतर्कता और सड़क पर मौजूद डिवाइडर जैसे सुरक्षा अवरोधों की स्थिति पर लगातार निगरानी जरूरी है। इस घटना में किसी की जान नहीं गई, यह राहत की बात है, लेकिन यदि आसपास कोई अन्य वाहन या राहगीर मौजूद होता तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

ऐसे हादसों के बाद केवल वाहन के जलने की घटना दर्ज कर आगे बढ़ जाना पर्याप्त नहीं है। दुर्घटना की वजह का पता लगाना भी उतना ही जरूरी है। यदि तेज रफ्तार कारण है तो उस हिस्से में यातायात नियंत्रण और निगरानी की जरूरत पर विचार होना चाहिए। वहीं यदि वाहन में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण की भूमिका सामने आती है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए। सड़क सुरक्षा का उद्देश्य हादसे के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसे हादसों को पहले ही रोकना होना चाहिए।

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